सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Do you know about these qualities of apple


 क्या आप जानते है ? सेब से कैसे ठीक होते है चर्म रोग ,गठिया रोग,दिल की कमजोरी ,पथरी ,जैसे जटिल रोग 

सेब हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना लाभकारी है ,यह आप सभी जानते है , सेब हमारे जीवन के लिए किसी अमृत से कम नहीं है | आयुर्वेद ने भी मानसिक तनाव ,चर्म रोग ,गठिया जैसे अनगिनत रोगों का अंत सेब से ही किया है|ऐसे ही कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे हम आपको बता रहे है , ताकि आप इनसे कुछ लाभ प्राप्त कर सके |


 apple




मानसिक तनाव ,चर्म रोग ,गठिया रोग :

ऐसे रोगों में प्रति दिन सुबह खाली पेट दो सेब खाने से यह रोग जड़ से ख़त्म हो जाते है और शरीर में नए खून का संचार होता है , नयी शक्ति आती है , शरीर भी हमेशा उर्जावान रहता है , शरीर में चुस्ती-स्फूर्ति बनी रहती है |

दांत रोग :

अगर आपको ऐसा महसूस हो की आपके दांत गलने लग गए है | या दाढ़ में गड्डे पड़ गए हो और आपको खाना खाने में परेशानी होती है |

नज़ला,जुखाम :

सर्दी जुखाम वैसे तो आम बात है |  जब मौसम बदलता है तब सर्दी जुकाम का होना एक आम बात है |लेकिन बहुत से ऐसे भी इन्सान है जिन्हें सर्दी जुखाम जैसे रोग हमेशा घेरे रहते है | ऐसे रोगियों को खाना खाने से पहले बिना छीले एक सेब प्रतिदिन खाना चाहिए  |

दिल की कमज़ोरी :

अगर आपको भी अपना दिल स्वस्थ रखना है | तब आपको सेब का मुरब्बा एक नग प्रतिदिन खाना चाहिए सेब का मुरब्बा दिल के लिए बहुत ही फादेमंद है | जिन लोगों के दिल में किसी प्रकार की कोई समस्या हो उन्हें सेब का मुरब्बा गाय के दूध के साथ लेना चाहिए |

स्मरण शक्ति बढ़ाता है सेब:

जिन लोगों को भूलने की बीमारी हो अथवा जिनकी स्मरण शक्ति कमजोर हो | ऐसे लोगों के लिए सेब एक प्राकृतिक उपहार है | ऐसे लोगो को एक नग अम्बरी सेब छीलकर ,एक गिलास गाय के दूध के साथ प्रतिदिन खाना चाहिए | इससे दिमागी शक्ति प्रबल होती है | पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह बहुत फायदेमंद है |


पथरी में सेब के फायदे  : 

आज पथरी रोग के कारण अनेक लोग चिंतित हैं क्योंकि इस रोग के कारण इंसान को पेट के रोग तो लगते ही हैं इसके साथ गुर्दे पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है डॉक्टरों के पास तो इस रोग का एक ही इलाज है वह है ऑपरेशन और मेरे विचार में तो यह अंतिम इलाज ही हैं इसके पश्चात कोई और इलाज नहीं है | परंतु इससे पहले तो अनेक इलाज है |
 ऐसे रोगियों को हर रोज सेब का रस खाली पेट लेना चाहिए जिन लोगों को पथरी रोग नहीं भी हो, वह भी यदि सेब का रस का सेवन करते हैं , तो वह भविष्य में पथरी रोग से बचे रहेंगे |

बच्चों के पेचश :

अक्सर बच्चों को पेचश रोग लगा ही रहता है | कुछ बच्चों को तो दूध पीते ही उल्टी और दस्त आने लगते हैं | ऐसे बच्चों का दूध बंद करके थोड़े समय के पश्चात ही सेब का रस एक एक घंटे के पश्चात् देते रहे | इससे यह रोग जड़ से जाता रहेगा |

Liver -जिगर और गैरा :

यह रोग बहुत फैला हुआ है | जो लोग इन रोगों से बचने का प्रयास पहले से नहीं करते  वह अपने लिए स्वयं दुख खरीदने का कारण बनते हैं  | यदि वह हर रोज सुबह दो सेब तथा खाना खाने के पश्चात एक एक सेब लेते रहें तो यह दोनों रोग ठीक हो जाएंगे उनके शरीर में नयी शक्ति आएगी तथा नए खून का संचार होगा |

भूख ना लगना :

जिन लोगों को भूख नहीं लगती ऐसे लोगों को एक गिलास खट्टे सेब के रस में कुंजा मिश्री मिलाकर प्रतिदिन पीना चाहिए |

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

engage children's mind in studies

यदि बच्चों का पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता तो करे यह उपाय : बच्चों की पढ़ाई के लिए सबसे ज्यादा चिंता माता-पिता को होती है | माता पिता हमेशा चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़ लिखकर जीवन में एक अच्छा मुकाम हासिल करें | इसलिए वह बच्चों पर थोड़ी सख्ती भी करते है | जैसे -बच्चों को  खेलने से रोकना , पढ़ाई के लिए बार-बार बोलना ,अच्छी से अच्छी जगह ट्यूशन लगाना आदि | लेकिन बच्चे फिर भी अच्छे अंक प्राप्त करने में असमर्थ रहते हैं |   बच्चों का मन पढ़ाई में लगे और वह अच्छे अंको से पास हो इसके लिए एकाग्रता बहुत जरूरी है  | अगर आप भी ज्योतिष ,वास्तुु, फेंगशुई को मानते हैं | तो इनमे बहुत से ऐसे उपाय हैं जिनके जरिए हम बच्चों की एकाग्रता को बढ़ा सकते हैं | प्रकृति में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ऊर्जा प्रवाहित हो रही है  वास्तु और फेंगशुई का काम है दोनों  ऊर्जाओं का संतुलन बनाए रखना और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना इसके लिए हमें वास्तु और फेंगशुई के नियमों का पालन करना होगा | 1 .  बच्चों का अध्ययन कक्ष हमेशा पश्चिम या दक्षिण दिशा में बनाना चाहिए क्योंकि इससे स्...

Dysentery symptoms and treatment

पेचिश,अतिसार (diarrhoea) रोग के लक्षण : diarrhoea पेचिश पेट से सम्बंधित रोग है | यह रोग उड़द, चना , मावा आदि से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से और हल्के पदार्थों का भी अधिक मात्रा में सेवन करने से होते हैं | जो भोज्य पदार्थ अधिक तेल,घी से युक्त हो या अधिक मसाले के मिश्रण से बने हो, उनसे भी पेचिश की बीमारी को हो जाती है | इस रोग में बार-बार पेट में मरोड़ सी होती है ,और शौच जाने की शंका बनी रहती है ,दस्त अधिक नहीं होते हैं , दस्त की जगह इसमें चिकनाई लिया हुआ पदार्थ जिसे आंव कहते हैं, मिला रहता है | कभी-कभी खून भी आ जाता है, परंतु कभी-कभी खून और आंव दोनों मिले हुए आते हैं | पेट और गुदा में एंठन सी होती है | जिससे रोगी को पीड़ा अधिक होती है | और बेचैनी सी होने लगती है कभी-कभी सामान्य रूप से बुखार भी आ जाता है | आज के समय इस रोग में अधिक वृद्धि होती जा रही है और इस रोग के भयंकर परिणाम भी आए दिन सामने आ रहे हैं जैसे - आंतों की सूजन, आंतों का फैल जाना या सिकुड़ जाना, आंतों में घाव हो जाना, संग्रहणी आदि अनेक रोग हैं जिनका रूप भयानक होता...

The amazing health benefits of cloves

लौंग के आश्चर्यजनक लाभ:  हमारी रसोई ऐसे अनेक मसालों से भरी रहती है जिनके इस्तेमाल से हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है |  परन्तु हम सही जानकारी के अभाव में इनका उपयोग नहीं कर पाते | बुजुर्गो को तो इनकी सही जानकारी होती है | परन्तु युवा पीड़ी इन सबसे अनजान है | परन्तु हल्दी के बारे में तो हम सभी जानते है , की हल्दी में कितने सारे गुण होते है ? हल्दी हमारे खाने से लेकर शरीर पर लेप करने तक हमारे शरीर की कितनी रक्षा करती है , हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण की वजह से घाव भरने और उसे ठीक करने से लेकर सुन्दरता प्राप्त करने तक में इसका प्रयोग किया जाता है | इसी तरह लौंग भी औषधीय गुणोंं का खजाना है |  health benefits of cloves   लौंग के औषधीय गुण : लौंग भी हल्दी की ही तरह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत ही उपयोगी है | लौंग में  (potassium, iron, calcium,phosphorus, magnesium, Omega 3 and fibre) पोटेशियम ,आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, ओमेगा 3 एवं फाइबर जैसे कई पोषक तत्व पायेंं जाते है जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है | प्रति दिन रात्रि को सोने से प...