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 Rajkumar Sharma



नमस्ते दोस्तों आपका हमारे इस Blogमें स्वागत है हम इस Blogके जरिये आप सभी को स्वस्थ रहने के Health tips एवं जटिल से जटिल रोगों के सरल एवं देसी घरेलू नुस्खों के बारे में बता रहे है | और ज्योतिष शात्र से जुडी रोचक जानकारी आपको दे रहे है हम आशा करते है की हमारी दी गई जानकारी से आप अवश्य लाभ प्राप्त  करेंगे और अपने मित्रो के साथ हमारे इन लेखो को अवश्य साझा करंगे |

आशा करते है आप भी निरोग रहने के लिए अपने शरीर को स्वस्थ रखे और योग एवं घरेलू नुस्खों से लाभ प्राप्त करे अगर आपको हमारे किसी लेख के विषय में अथवा स्वास्थ संबंधी किसी तरह की सहायता या जानकारी चाहियें तो आप हमें यहाँ संपर्क कर सकते है  | Contact Me


  







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engage children's mind in studies

यदि बच्चों का पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता तो करे यह उपाय : बच्चों की पढ़ाई के लिए सबसे ज्यादा चिंता माता-पिता को होती है | माता पिता हमेशा चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़ लिखकर जीवन में एक अच्छा मुकाम हासिल करें | इसलिए वह बच्चों पर थोड़ी सख्ती भी करते है | जैसे -बच्चों को  खेलने से रोकना , पढ़ाई के लिए बार-बार बोलना ,अच्छी से अच्छी जगह ट्यूशन लगाना आदि | लेकिन बच्चे फिर भी अच्छे अंक प्राप्त करने में असमर्थ रहते हैं |   बच्चों का मन पढ़ाई में लगे और वह अच्छे अंको से पास हो इसके लिए एकाग्रता बहुत जरूरी है  | अगर आप भी ज्योतिष ,वास्तुु, फेंगशुई को मानते हैं | तो इनमे बहुत से ऐसे उपाय हैं जिनके जरिए हम बच्चों की एकाग्रता को बढ़ा सकते हैं | प्रकृति में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ऊर्जा प्रवाहित हो रही है  वास्तु और फेंगशुई का काम है दोनों  ऊर्जाओं का संतुलन बनाए रखना और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना इसके लिए हमें वास्तु और फेंगशुई के नियमों का पालन करना होगा | 1 .  बच्चों का अध्ययन कक्ष हमेशा पश्चिम या दक्षिण दिशा में बनाना चाहिए क्योंकि इससे स्...

Dysentery symptoms and treatment

पेचिश,अतिसार (diarrhoea) रोग के लक्षण : diarrhoea पेचिश पेट से सम्बंधित रोग है | यह रोग उड़द, चना , मावा आदि से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से और हल्के पदार्थों का भी अधिक मात्रा में सेवन करने से होते हैं | जो भोज्य पदार्थ अधिक तेल,घी से युक्त हो या अधिक मसाले के मिश्रण से बने हो, उनसे भी पेचिश की बीमारी को हो जाती है | इस रोग में बार-बार पेट में मरोड़ सी होती है ,और शौच जाने की शंका बनी रहती है ,दस्त अधिक नहीं होते हैं , दस्त की जगह इसमें चिकनाई लिया हुआ पदार्थ जिसे आंव कहते हैं, मिला रहता है | कभी-कभी खून भी आ जाता है, परंतु कभी-कभी खून और आंव दोनों मिले हुए आते हैं | पेट और गुदा में एंठन सी होती है | जिससे रोगी को पीड़ा अधिक होती है | और बेचैनी सी होने लगती है कभी-कभी सामान्य रूप से बुखार भी आ जाता है | आज के समय इस रोग में अधिक वृद्धि होती जा रही है और इस रोग के भयंकर परिणाम भी आए दिन सामने आ रहे हैं जैसे - आंतों की सूजन, आंतों का फैल जाना या सिकुड़ जाना, आंतों में घाव हो जाना, संग्रहणी आदि अनेक रोग हैं जिनका रूप भयानक होता...

The amazing health benefits of cloves

लौंग के आश्चर्यजनक लाभ:  हमारी रसोई ऐसे अनेक मसालों से भरी रहती है जिनके इस्तेमाल से हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है |  परन्तु हम सही जानकारी के अभाव में इनका उपयोग नहीं कर पाते | बुजुर्गो को तो इनकी सही जानकारी होती है | परन्तु युवा पीड़ी इन सबसे अनजान है | परन्तु हल्दी के बारे में तो हम सभी जानते है , की हल्दी में कितने सारे गुण होते है ? हल्दी हमारे खाने से लेकर शरीर पर लेप करने तक हमारे शरीर की कितनी रक्षा करती है , हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण की वजह से घाव भरने और उसे ठीक करने से लेकर सुन्दरता प्राप्त करने तक में इसका प्रयोग किया जाता है | इसी तरह लौंग भी औषधीय गुणोंं का खजाना है |  health benefits of cloves   लौंग के औषधीय गुण : लौंग भी हल्दी की ही तरह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत ही उपयोगी है | लौंग में  (potassium, iron, calcium,phosphorus, magnesium, Omega 3 and fibre) पोटेशियम ,आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, ओमेगा 3 एवं फाइबर जैसे कई पोषक तत्व पायेंं जाते है जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है | प्रति दिन रात्रि को सोने से प...